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Celebrated Vishwakarma Jayanti & Convocation In G.ITI Sirathu

 राजकीय आईटीआई सिराथू में मनाई गई विश्वकर्मा जयंती तथा दीक्षांत समारोह/प्रमाण पत्र वितरण







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PM मोदी की 7 आर्थिक अपील: तेल संकट के बीच देशवासियों से ‘राष्ट्र प्रथम’ का आग्रह

PM मोदी की 7 ऐतिहासिक अपील: 10 मई 2026 को हैदराबाद से देश को बड़ा संदेश | Apna Kaushambi - प्रकाशन तिथि: 16 मई 2026  |  ✍️ Apna Kaushambi News Desk  |  🏷️ राष्ट्रीय PM मोदी की 7 ऐतिहासिक अपील — हैदराबाद मंच से देशवासियों को बड़ा संदेश: "राष्ट्र प्रथम, कर्तव्य सर्वोपरि" 📌 मुख्य तथ्य एक नजर में: कब: 10 मई 2026 कहाँ: सिकंदराबाद परेड ग्राउंड, हैदराबाद, तेलंगाना किसने कहा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (BJP की जनसभा में) क्यों: पश्चिम एशिया (West Asia) संकट और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण भारत की विदेशी मुद्रा पर बढ़ता दबाव क्या हुआ आगे: केंद्र सरकार ने 13 मई को आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया यह कोई अफवाह नहीं, सोशल मीडिया पर वायरल कोई अनजान संदेश नहीं — बल्कि यह भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वह आह्वान है जिसने पूरे देश में हलचल मचा दी है। 10 मई 2026 को हैदराबाद के सिकंदराबाद परेड ग्राउंड में BJP की एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने "राष्ट्र प्रथम, कर्तव्य सर्वोपरि" के मंत्र के साथ देशवासियो...

बुद्ध पूर्णिमा विशेष: कौशांबी — वह पवित्र भूमि जहाँ तथागत के चरण पड़े

 ☸ 🪷 ☸ बुद्ध पूर्णिमा विशेष बुद्ध पूर्णिमा: कौशांबी से जुड़ा भगवान बुद्ध का ऐतिहासिक और आध्यात्मिक संबंध 📍 Kaushambi Today News | विशेष रिपोर्ट "कौशांबी — वह पवित्र भूमि, जहाँ स्वयं तथागत के चरण पड़े, जहाँ ज्ञान की वाणी गूँजी।" 🌸 प्रस्तावना बुद्ध पूर्णिमा का पर्व पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है — मंदिरों में दीप जलते हैं, विहारों में ध्यान होता है, और लाखों लोग भगवान बुद्ध की करुणामयी शिक्षाओं को याद करते हैं। लेकिन कौशांबी जनपद के लिए यह दिन और भी विशेष महत्व रखता है। यह वही पवित्र भूमि है जहाँ स्वयं भगवान बुद्ध कई बार पधारे, जहाँ उनके पावन चरणों ने इस धरती को कृतार्थ किया, और जहाँ उनके उपदेशों ने असंख्य जीवनों को नई दिशा दी। आज बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर, आइए जानते हैं कि कौशांबी और भगवान बुद्ध का संबंध कितना गहरा और ऐतिहासिक है। 🏛️ कौशांबी और भगवान बुद्ध का संबंध प्राचीन काल में कौशांबी (जिसे वत्सराज की राजधानी कौशाम्बी भी कहा जाता था) भारत का एक समृद्ध, वैभवशाली और बौद्धिक रूप से अत्यंत जागरूक नगर था। यह यमुना नदी के तट पर बसा एक महत्वपूर्ण व्या...

सरस्वती शिशु विद्या मंदिर सिराथू में तीन दिवसीय प्रारंभिक शिक्षा वर्ग संपन्न

कौशाम्बी। सरस्वती शिशु विद्या मंदिर सिराथू में तीन दिवसीय प्रारंभिक शिक्षा वर्ग सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। वर्ग का संचालन मुख्य शिक्षक नमन एवं सह मुख्य शिक्षक ओम की देखरेख में किया गया। खंड प्रचारक राघवेंद्र के मार्गदर्शन में समस्त क्रियाकलाप सुचारु रूप से संपन्न हुए।    ज्ञात हो कि वर्ग की दिनचर्या में प्रतिदिन जागरण, शाखा, जलपान, स्नान, अभ्यास सत्र, बौद्धिक सत्र, भोजन, विश्राम, चर्चा सत्र, बैठक, रात्रि कार्यक्रम तथा दीप विसर्जन एवं प्रार्थना सम्मिलित रहे। चर्चा सत्र में स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने की आवश्यकता तथा अपना कार्य स्वयं करने के महत्व पर विशेष विमर्श हुआ। प्रतिदिन "चंदन है इस देश की माटी, तपोभूमि हर ग्राम है" गीत के साथ कल्याण मंत्र, भोजन मंत्र, सुभाषित एवं अमृत वचनों का सामूहिक उद्बोधन किया गया। धर्म जागरण प्रमुख खंड सिराथू राजेंद्र तथा जिला बौद्धिक प्रमुख जगत जी ने प्रशिक्षुओं को संबोधित किया। शाखा में नगर अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद एवं विद्यालय के प्राचार्य हरिश्चंद्र भी मौजूद रहे। समापन अवसर पर राजेश, अंबेद एवं अन्य स्वयंसेवकों ने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे बालकों म...