शादी करने की आड़ में लूटी अस्मत
कौशाम्बी पश्चिम शरीरा थाना व गांव निवासी युवती का उसके गांव के एक युवक के साथ प्रेम चल रहा था। युवक ने युवती की अस्मत लूटने के बाद शादी करने से मुकर गया। जिस पर युवती के पिता ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। ज्ञात हो कि पश्चिम शरीरा थाना व गांव निवासिनी खुशबू पुत्री अली हसन का उसके गांव के अबुंन पुत्र बच्चा के साथ एक वर्ष से प्रेम संबंध चल रहा है। अबुंन शादी की बात कह कर युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा। युवती ने बताया कि बीते दिनों अंबुन उसके घर पर शारीरक संबंध बनाने आया पर युवती के इनकार करने पर वह जबरदस्ती करने लगा जिस पर युवती ने परिजनों को पूरी जानकारी दी। युवती के पिता ने थाने जाकर रिपोर्ट लिखवाई। लेकिन रिपोर्ट नहीं लिखी गई। जिस पर युवती ने पुलिस अधीक्षक से कानूनी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का परिवार जमाने से लगा रहा है रामलीला, स्टेडियम को बिना सूचना के तोड़ा
प्रेस वार्ता के दौरान बताते परिजनकौशाम्बी सिराथू तहसील के कादीपुर गांव के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे एक व्यक्ति जो अपनी ही भूमि में देश की आजादी के बाद रामलीला एवं अन्य आयोजन करवाते थे। उस रामलीला और कुश्ती अखाड़ा को बिना सूचना दिए ढ़हा दिया जाता है। उनके परिवार को भी प्रताड़ित किया जाता है।
ज्ञात हो कि सिराथू तहसील के कादिपुर गांव के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राममनोहर त्रिपाठी व उनके छोटे भाई सेनानी पंडित रामकिशोर त्रिपाठी अपनी ही भूमि पर आजादी की खुशी में मेले का आयोजन किया करते थे। जिससे क्षेत्रीय एवं गांव के लोग देश की आजादी को याद रखें, लोगों के मनोरंजन के लिए रामलीला एवं अन्य कार्यक्रम हुआ करते थे। रोजगार के लिए पशु बाजार एवं अन्य साधन लगाना शुरू किया गया। उनके दोनों पोते मुकेश त्रिपाठी व मनीष कुमार त्रिपाठी ने प्रेस वार्ता में बताया कि यह मेला निरंतर एक महीने चलता था। रामलीला 20 दिन की होती थी। लेकिन 74 वर्ष पुरानी रामलीला स्टेज अखाड़ा बाउंड्री वॉल एवं दुकानों को कॉलेज के निर्माण के नाम पर बिना सूचना के गिरा दिया जाता है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की समाधि की भूमि पर उच्च न्यायालय इलाहाबाद में याचिका संख्या-20702/2020 सुरेशचंद्र त्रिपाठी आदि बनाम उत्तर प्रदेश सरकार विचाराधीन है। मजे की बात यह है कि अभी योगी सरकार ने चौरी चौरा शहीद स्वतंत्र सेनानी के स्मारक में जाकर शहीद दिवस के नाम पर उनके सम्मान के लिए बैंड बाजा के साथ उत्तर प्रदेश सरकार के कौशांबी जिले के अधिकारी एडीएम एवं पुलिस अधिकारी द्वारा उनके स्मारक पर पुष्प माला एवं दीप प्रज्वलित कर श्रद्धांजलि दी गई और उनके परिवार के परिजनों को सम्मान के रूप में साल देकर सम्मानित किया जाता है। वहीं दूसरी ओर रामलीला स्टेडियम को तोड़ दिया जाता है। और उनके परिवार वालों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जाता है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के परिवार एवं उनके गांव के लोगों को, दुकानदारों का दुकान टूटने से बड़ा नुकसान हुआ है। इस घटना से उनके परिजनों और गांव के लोगों में शोक व्याप्त है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के परिजनों ने शासन-प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।


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