पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कार्यालय का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण
कौशाम्बी डीएम अमित कुमार सिंह शुक्रवार को विकास भवन पहुंचे। वह सीधे जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कार्यालय पहुंचे। कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान विभाग की योजनाओं की जानकारी ली। साथ ही निर्देश दिया कि योजनाओं का लोगों को लाभ मिलना चाहिए। पता हो कि इस मौके पर उन्होंने पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी सुनीता मंडार से छात्रवृत्ति योजना की जानकारी ली। इसके बाद डीएम ने निर्देश दिया कि समय से छात्रों को छात्रवृत्ति का लाभ दिया जाए। कोई भी पात्र छात्र वंचित न रहने पाए। इसके बाद डीएम ने शादी अनुदान योजना, ओ-लेवल, सीसीसी कम्प्यूटर प्रशिक्षण योजना की जानकारी ली। पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का लाभ लोगों को मिलना चाहिए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इस मौके पर सीडीओ शशिकांत त्रिपाठी, डीडीओ विजय कुमार, डीपीआरओ गोपालजी ओझा, समाज कल्याण अधिकारी सुधीर गुप्ता मौजूद रहे।
सामूहिक विवाह समारोह में 33 जोड़े
परिणय सुत्र में बंधे
कौशाम्बी सरसवां ब्लाक में शुक्रवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके लिए एक दिन पहले ही प्रशासन ने सारी तैयारी पूरी कर ली थी। मंत्रोचारण के साथ अग्नि को साक्षी मानकर 33 जोड़ों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाया। सदर विधायक के साथ समाजसेवी ने नवदंपती को उपहार भेंट दिया। मालूम हो कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शुक्रवार को 33 जोड़े एक दूजे के हुए। वैदिक मंत्रों के साथ विवाह कार्यक्रम संपन्न कराया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे सदर विधायक लाल बहादुर ने नवदंपती को आशीर्वाद देकर विदा किया। वहीं समाजसेवी शांति ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रकाश दुबे ने एक दर्जन नवदंपती को पैंट शर्ट के साथ साड़ी उपहार दिया। इस मौके पर ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि अकबर सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधीर कुमार, बीडीओ देव कुमार, सहायक विकास अधिकारी कपिल त्रिपाठी, एपीओ आशीष मिश्रा आदि मौजूद रहे।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों कर रहीं धरना प्रदर्शन
कौशाम्बी महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ का धरना प्रदर्शन शुक्रवार को भी जारी रहा। शुक्रवार को भी कार्यकत्रियों ने जिला मुख्यालय पर धरना दिया। प्रदर्शन कर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। कार्यकत्रियों ने मांग की कि 62 साल की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को जबरन रिटायर न किया जाए। ज्ञात हो कि महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश का आठ मार्च से लगातार धरना-प्रदर्शन जारी है। प्रदेश अध्यक्ष माया सिंह के नेतृत्व में कार्यकत्रियां अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रही हैं। उनकी मांग है कि 62 साल की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को जबरन हटाया जा रहा है और इनके लिए पेंशन, फंड आदि का कोई इंतजाम नहीं किया जा रहा है। ये मामला न्यायालय में विचाराधीन है। जब तक फैसला न आ जाए, तब तक आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के स्थान पर किसी दूसरे की नियुक्ति न की जाए। बताया कि स्वयं सहायता समूहों का दखल बढ़ता जा रहा है, इससे आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को दिक्कत हो रही है। कार्यकत्रियों को इंक्रीमेंट देने का प्रावधान है, लेकिन इंक्रीमेंट नहीं दिया जा रहा है। सरकार अपने घोषणा पत्र के मुताबिक कार्यकत्रियों को 15 हजार और सहायिका को 10 दस हजार का मानदेय दे। हाटकुक्ड से प्रधानों का हस्तक्षेप खत्म किया जाए। यही सब मांगों को लेकर कार्यकत्रियों ने अपनी आवाज उठाई और अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर संजना दीक्षित, सुनीता देवी, सुषमा सिंह, रेनू प्रजापति, कमलेश, सुधा, कमलेश, कुसुम, फात्मा, प्रेमा देवी, रीता केसरवानी आदि लोग रहीं।
चायल तहसील में बने सीएचसी को तत्काल चालू कराए जाने के लिए की मांग
कौशाम्बी भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने किसानों की समस्याओं को लेकर शुक्रवार को ब्लॉक परिसर में बैठक की। बैठक के बाद किसान रैली निकालकर तहसील पहुंचे और राष्ट्रपति को संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। कार्यक्रम की अध्यक्षता तहसील अध्यक्ष चंदू तिवारी ने किया। ज्ञात हो कि बैठक को संबोधित करते हुए तहसील अध्यक्ष चंदू तिवारी ने कहा कि संगठन की मजबूती एवं जन जागरण सहित किसानों की समस्याओं को लेकर सभी लोग एकजुट हो और उनके समाधान के लिए गांव-गांव बैठकों का आयोजन करें। मालूम हो कि बैठक के बाद किसान ब्लॉक परिसर से रैली निकालकर तहसील पहुंचे। तहसील में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। उन्होंने मांग किया कि चायल तहसील में 5 करोड़ की लागत से बने सीएससी को तत्काल चालू कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि 30 मार्च तक अगर सीएससी नहीं चालू कराई गई तो किसान यूनियन के कार्यकर्ता परिसर में ही धरना देंगे। उन्होंने मनमुताबिक भेजे जा रहे बिजली बिल के संशोधन किया जाने कि बात कही। घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में की गई बढ़ोतरी को कम किया जाए किसानों की समस्याओं को शिकायती पत्र का तत्काल निस्तारित किया जाए। हदबंदी के लिए किसानों के द्वारा जमा किए गए रुपए के बाद तत्काल उनके खातों की हदबंदी कराई जाए। इस मौके पर मान सिंह पटेल, ननकू लाल शर्मा, मो. शाहिद, विजय सिंह, बड़े लाल, बिंदेश्वरी, राजाराम, नत्थू लाल और प्रेम नारायण आदि किसान मौजूद।
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