विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर राज्यमंत्री ने इतिहास की त्रासदी को किया याद कौशाम्बी। आयुष विभाग, उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु' ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उदयन सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आजादी मिलने से पूर्व की रात्रि की वास्तविकता वर्षों तक जनमानस से छिपाई गई। उन्होंने बताया कि विभाजन विभीषिका में छह लाख से दस लाख लोगों की जान गई और डेढ़ करोड़ लोग विस्थापित हुए। उन्होंने इसे दुनिया की सबसे बड़ी विभाजन त्रासदियों में से एक बताते हुए कहा कि सत्ता पाने के लालच में देश का बंटवारा हुआ था। राज्यमंत्री ने अपने संबोधन में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के त्याग-पत्र और संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हीं के प्रयासों से वर्तमान पश्चिम बंगाल का भू-भाग भारत में बचा रह सका, अन्यथा पूरा बंगाल पाकिस्तान में सम्मिलित कर दिया गया होता। उन्होंने पंजाब की नदियों के जल-बंटवारे तथा तक्षशिला विश्वविद्यालय एवं सिंधु घाटी सभ्यता के पाकिस्तान में चले जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि विभाजन के कारण देश ने बहुत कुछ खोया है। उन्ह...
कौशाम्बी और आसपास की लेटेस्ट खबरों के लिए | अपना कौशाम्बी न्यूज़