श्रमिकों और उनके आश्रितों के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी, मुख्य विकास अधिकारी ने की अपील
कौशाम्बी। मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी ने अवगत कराया है कि श्रमिकों एवं उनके आश्रितों के हित में विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारों को सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक एवं स्वास्थ्य संबंधी सहायता उपलब्ध कराना है।
पंजीयन के लिए निर्माण श्रमिक की आयु 18 से 60 वर्ष के मध्य होनी चाहिए तथा पंजीकरण के समय श्रमिक को गत 12 माह में कम से कम 90 दिन तक निर्माण श्रमिक के रूप में कार्य किया होना आवश्यक है। पंजीयन शुल्क 20 रुपये प्रति वर्ष देय होगा। जन सुविधा केंद्र (सीएससी) तथा बोर्ड की वेबसाइट यूपीबीओसीडब्ल्यू डॉट इन से पंजीयन एवं आवेदन किया जा सकता है, तथा एक वर्ष की सदस्यता अवधि पूर्ण होने के उपरांत श्रमिक योजनाओं के लिए पात्र होगा।
मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना के अंतर्गत महिला कर्मकार को मातृत्व हित लाभ के रूप में उसकी श्रेणी के अनुरूप निर्धारित न्यूनतम वेतन की दर से तीन माह के वेतन के समतुल्य धनराशि देय होगी, जबकि पुरुष कर्मकारों को कुल 6000 रुपये दिए जाएंगे। पुत्र के जन्म पर 20000 रुपये तथा पुत्री के जन्म पर 25000 रुपये की धनराशि देय होगी। बालिकाओं के जन्म पर एकमुश्त 25000 रुपये की धनराशि 18 वर्ष के लिए सावधि जमा के रूप में सहायता स्वरूप प्रदान की जाएगी।
कन्या विवाह सहायता योजना के अंतर्गत प्रति पुत्री के विवाह पर 65000 रुपये (अधिकतम दो पुत्रियों तक) तथा अंतर्जातीय विवाह करने पर 75000 रुपये की धनराशि देय होगी। न्यूनतम 11 जोड़ों के सामूहिक विवाह होने पर 85000 रुपये प्रति जोड़ा की दर से सहायता राशि लाभार्थी को अनुमन्य होगी, साथ ही सामूहिक विवाह आयोजन के व्यय हेतु आयोजक को 15000 रुपये प्रदान किए जाएंगे।
निर्माण कामगार मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना के अंतर्गत दुर्घटना में मृत्यु होने पर पांच लाख रुपये (सावधि जमा के रूप में), सामान्य मृत्यु होने पर दो लाख रुपये तथा अंत्येष्टि के लिए 25000 रुपये की धनराशि प्रदान की जाती है। स्थायी पूर्ण अपंगता पर तीन लाख रुपये तथा स्थायी आंशिक विकलांगता पर दो लाख रुपये अनुग्रह राशि के रूप में देय होंगे। अपंजीकृत निर्माण श्रमिक की कार्यस्थल पर हुई दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिवार को एकमुश्त एक लाख पच्चीस हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।
अटल आवासीय विद्यालय योजना के अंतर्गत प्रयागराज मंडल के कोरांव तहसील स्थित बेलहट में विद्यालय स्थापित हो चुका है, जिसमें मंडल के चारों जनपदों के पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चे प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण कर शिक्षारत हैं। इस योजना के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों तथा कोरोना काल में निराश्रित हुए बच्चों को कक्षा छह से 12 तक निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है। पंजीकृत कामगार परिवार के अधिकतम दो बच्चे इस विद्यालय में अध्ययन के पात्र होंगे।
संत रविदास शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के अधिकतम दो बच्चों को कक्षा एक से स्नातकोत्तर डिग्री पाठ्यक्रम तक 2000 से 24000 रुपये तक की धनराशि योजना अनुसार एकमुश्त देय होगी। कक्षा नौ, 10, 11 तथा 12 उत्तीर्ण कर अगली कक्षा में प्रवेशित एवं शिक्षारत श्रमिक पुत्र-पुत्रियों को विद्यालय आने-जाने हेतु एक बार साइकिल क्रय करने के लिए सब्सिडी अनुमन्य होगी।
महात्मा गांधी पेंशन योजना के अंतर्गत नियमित सदस्यता के उपरांत पंजीकृत श्रमिक को 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर 1000 रुपये प्रतिमाह की धनराशि देय है। गंभीर बीमारी सहायता योजना के अंतर्गत सरकारी अथवा स्वायत्तशासी चिकित्सालयों में इलाज कराने पर आयुष्मान भारत योजना में देय हितलाभ के समतुल्य पूर्ण क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की जाती है।
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